पालमपुर को नगर निगम का दर्जा मिल गया

लंबे समय के इंतजार के बाद पालमपुर को नगर निगम का दर्जा मिल ही गया। पालमपुर में लगातार जिला व नगर निगम का दर्जा देने की मांग की जाती थी। पालमपुर नगर निगम में नगर परिषद क्षेत्र समेत आसपास की 14 पंचायतें शामिल होंगी। भाजपा इसे अपनी बड़ी उपलब्धि मान रही है। साथ ही कांग्रेस अब भी ग्रामीण क्षेत्रों को नगर निगम से हटाने की मांग पर कायम है। कांग्रेस का साफ कहना है कि फैसले का विरोध नहीं है मगर ग्रामीण क्षेत्र शामिल नहीं होने चाहिए थे।पालमपुर नगर निगम में आईमा, बंदला, लोहना, घुग्घर, चौकी, खलेट, बिंद्रावन, बनघियार, राजपुर, टांडा, भरमात, बनूरी खास, कलियाड़कर व मुहाल बनूरी पंचायतें भी जुड़ जाएंगी। इसमें 12 पचायतें पूरी तरह से शामिल होंगी जबकि दो बंदला व लोहना का कुछ इलाका इसमें शामिल होगा। इन पंचायतों के जुडऩे के बाद यहां  नगर निगम के लिए तय की गई जनसंख्या 40 हजार का आंकड़ा पार कर लेगी। 15.63 वर्ग किलोमीटर होगा क्षेत्र |

नगर परिषद पालमपुर केवल 0.67 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैली हुई है। इसमें अब पंचायतों का 14.96 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र जुड़ जाएगा तथा इसका कुल क्षेत्र 15.63 वर्ग किलोमीटर हो जाएगा। यहां की मौजूदा जनसंख्या 3544 है, जबकि शामिल हो रहे क्षेत्र की 40765 है। ऐसे में अब यहां की कुल आबादी 44309 हो जाएगी। यहां के कुल घरों का आंकड़ा भी 9300 से ऊपर पहुंच जाएगा। अभी नगर परिषद में एक हजार के करीब घर हैं। बनघियार, मारंडा पंचायत के प्रधान त्रिलोक राणा का कहना है सरकार ने जो किया वह स्वीकार है। यह समय की मांग भी थी। कुछ लोगों को बुरा लग सकता है, लेकिन यह इतना बुरा फैसला भी नहीं है। दुनिया के स्तर के हिसाब से हमें भी सोच बदलनी होगी। इससे शहरी क्षेत्रों को काफी लाभ मिलेगा।

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