धर्मशास्त्रों में जीव हत्या के समान है पेड़ को काटना

पेड़ों के बिना मनुष्य जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। मनुष्य के जन्म से लेकर मृत्यु तक पेड़ों की अहम योगदान है। पेड़ हमारे जीवन में भोजन और पानी की तरह ही महत्वपूर्ण हैं। पेड़ के बिना जीवन बहुत कठिन बन जायेगा या हम कह सकते हैं कि जीवन खत्म हो जायेगा क्योंकि हमें स्वस्थ और समृद्ध जीवन देने में पेड़ बहुत मुख्य पहलू है।

पेड़ हमें प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष जीवन प्रदान करता है क्योंकि ये ऑक्सीजन उत्पादन, CO2 उपभोग का स्रोत, और बारिश का स्रोत है। प्रकृति की तरफ से धरती पर मानवता को दिया गया ये सबसे अनमोल उपहार है जिसका हमें आभारी होना चाहिये तथा इसको सम्मान देने के साथ ही मानवता की भलाई के लिये संरक्षित करना चाहिये।

 हमारे कई धार्मिक अनुष्ठानों में पेड़ों की पूजा का उल्लेख मिलता है | जैसे की पीपल के पेड़ को पूजनीय माना जाता है | इसके साथ ही हम केले के पेड़ की पूजा भी करते हैं । धर्मशास्त्रों के अनुसार एक हरे भरे पेड़ को कटना ठीक उसी तरह का अपराध है जैसे एक मनष्य की हत्या करना ।  

आज के आधुनिक युग में इस बात को मजाक या बचकाना समझा जाने लगा हो लेकिन पेड़ों की अन्धाधुन्द कटाई से नुकसान धीरे-धीरे हम सबको समझ आ रहा है और इस गलती को सुधारने के लिए प्रयास  भी किये जा रहे हैं| सयुक्त राष्ट्र के पर्यावरणबिदों  ने सुझाव दिया है कि पेड़ों की कटाई को अब हत्या जैसा अपराध घोषित किया जाए|

पर्यावरणशास्त्रज्ञ जोएस खुलर के अनुसार हमारे रोजाना के कामों से कार्बनडाइऑक्सइड निकलती है और जगलों की कटाई से इसे सोखने के लिए पर्याप्त पेड़ ही नहीं बचे हैं । धरती के तापमान में ग्रीनहाउस गैसों में यह गैस विशेष रूप से जिम्मेदार है| मौसम मे बदलाव,बेमौसम बरसात, सूखे और बाढ़ के प्रकोप की भी यही वजह है |

इन बदलावों का असर मानव सहित पृथ्वी पर मौजूद सभी जीवों और चीजों पर पड़ रहा है | इस स्थिति से बचने का एक उपाए कार्बन – न्यूट्रल बनना है | इसके लिए कार्बन फुटप्रिंट को मिटने की कोशिश जरूरी है | इस लिए यह अत्तिआवश्यक है कि  हम अधिक से अधिक पेड़ लगाएं और उनकी देखभल करें ताकि पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड को सोख सकें | वृक्षारोपण इसका सबसे आसान और प्रभावशाली तरीका है | एक पेड़ अपने जीवनकाल मे एक टन कार्बन डाइऑक्साइड को कार्बन और ऑक्सीजन में बदलता है |

दूसरा तरीका यह है कि पेड़-पौधों को नष्ट करना ज़ीव हत्या जैसा ही अपराध समझा जाये | सरकारी स्तर  पर इसे कानून बनाने और सख्ती से लागू करने की बात हो रही है लेकिन तबतक इंतजार करते रहना समझदारी नहीं है | इसलिए प्रत्येक मनुष्य का कर्तव्य है की वह पेड़ लगाए और पेड़ों की सुरक्षा मे योगदान दें | एक चीनी कहावत के शब्द कुछ इस प्रकार हैं, “20 साल पहले पेड़ को लगाने का समय सबसे अच्छा समय था। दूसरा सबसे अच्छा समय अब ​​है।" इसलिए अपना काम करें और इस जगह को और अधिक सुंदर बनाएं।

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