हिमाचल सरकार निजी बस मालिकों को राहत देने की तैयारी में

हिमाचल सरकार निजी बस मालिकों को राहत देने की तैयारी में है। इस संबंध में परिवहन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर और विभाग के निदेशक जेएम पठानिया ने निजी बस ऑपरेटरों से बातचीत की है। बातचीत में समस्या का समाधान निकालने की कोशिशें हुई है। दोनों पक्षों में कुछ मसलों पर सहमति बनी है। इसके आधार पर परिवहन विभाग आर्थिक राहत पैकेज का मसौदा तैयार करने में जुटा हुआ है। ऑपरेटरों ने दो विकल्प दिए हैं।

पहला सरकार किराये में 50 फीसद तक की बढ़ोत्तरी करें या दूसरा 40 फीसद सवारियों की एवज में सबसिडी दें। किराया बढ़ाने का प्रस्ताव विभाग ने पहले भी तैयार किया था। इसे सरकार के पास भेजा गया, स्वीकार नहीं किया। तर्क था कि कोरोना संकट से लोगों के पास आर्थिक संसाधन सीमित हो गए हैं। ऐसे में किराये का बोझ डालना सही नहीं होगा। इसके बाद पहली जून से बस सेवाएं बहाल हो गई थीं।

साठ फीसद सवारियों की शर्त के साथ बसें चलनी आरंभ हुई, लेकिन निजी बस ऑपरेटरों ने 3200 में से रोजाना ढाई से तीन सौ बसें ही चलाईं। उनका दावा था कि सवारियां नहीं बैठ रही है, इस कारण सभी बसों को सड़कों पर दौड़ाना संभव नहीं। आठ जून से अधिकांश निजी ऑपरेटरों ने बसें बंद कर दी।

उन्होंने सरकार के आदेश नहीं माने। इसके बाद कुछ ऑपरेटरों ने ही सरकार के आदेशों की पालना की। धीरे- धीरे ये भी बंद हो गई। सरकारी बसों पर ही दारोमदार निजी बसें न चलने के कारण सारा दारोमदार सरकारी बसों पर ही टिका हुआ है। हिमाचल पथ परिवहन निगम के पास बसों का बेड़ा 3200 है। इनमें से केवल 40 फीसद बसें ही सड़कों पर दौड़ रही है।

निजी बस ऑपरेटरों से बातचीत हो रही है। सरकार कोशिश कर रही है कि निजी बसें भी सड़कों पर चलें और जनता को सुविधा मिले। गोविंद सिंह ठाकुर, परिवहन मंत्री

Like Our Page
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Be the first to comment on "हिमाचल सरकार निजी बस मालिकों को राहत देने की तैयारी में"

Leave a comment

Your email address will not be published.


*