निर्भया मामले में दिल्ली जेल मैन्युअल चारों की फांसी में सबसे बड़ी अड़चन बना

नई दिल्ली, Nirbhaya Case : निर्भया मामले में चारों दोषियों (मुकेश सिंह, अक्षय सिंह ठाकुर, विनय कुमार शर्मा और पवन कुमार गुप्ता) के पास फांसी से बचने के रास्ते एक-एक करके समाप्त होते जा रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ही अक्षय सिंह की याचिका (Curative Petition) खारिज कर दी है, उसके पास राष्ट्रपति के समक्ष दया याचिका लगाना ही अंतिम विकल्प बचा है। चारों में से मुकेश ही ऐसा दोषी है, जिसके पास फांसी से बचने के सारे विकल्प खत्म हो चुके हैं। बावजूद इसके चारों को एक साथ फांसी लगने की उम्मीद नहीं नजर आ रही और क्यूंकि चारों दोषियों की फांसी में सबसे बड़ी अड़चन Delhi Prison Manual बना हुआ है।

  • Delhi Prison मैन्युअल का क्या कहना है ?

दिल्ली जेल मैनुअल (Delhi Prison Manual) के मुताबिक, यदि किसी अपराध में एक से ज्यादा दोषियों को फांसी दी जा रही हो तो किसी एक दोषी की भी याचिका लंबित होने पर फांसी पर कानूनी तौर पर रोक रहती है।

निर्भया केस में चार आरोपी हैं और चारों फांसी से बचने के लिए कानूनी तरीके अलग-अलग समय पर उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में एक साथ फांसी पर तब तक रोक रहेगी, जब तक चारों दोषी अपने सभी जो भी उनके पास बचने के विकल्प हैं उनका उपयोग नहीं कर लेते।

Like Our Page
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  
  •  

Be the first to comment on "निर्भया मामले में दिल्ली जेल मैन्युअल चारों की फांसी में सबसे बड़ी अड़चन बना"

Leave a comment

Your email address will not be published.


*